• आप भी समझ लो मुझको समझाने के बाद.. इंसान मजबूर हो जाता है दिल आने के बाद  

  •   हम दुनिया के सामने हाथ नहीं जोड़ते, वरना काम निकल जाने के बाद दुनिया वाले हाथ तोड़ देते है 

  • समन्दर में तैरने वाले, कुओं और तालाबों में डुबकियाँ नहीं लगाया करते  

  • डरे हुए लोग अकसर अल्फ़ाज़ों के पीछे छुपते हैं 

  • Attitude तो बचपन से है, जब पैदा हुआ तो डेढ़ साल मैंने किसी से बात नही की ।
  • भीङ में खङा होना मकसद नहीं हैं मेरा ,बलकि भीङ जिसके लिए खडी है वो बनना है मुझे ॥

  • Dekh Babe, नमक स्वाद अनुसार और अकड़ औकाद अनुसार ही अच्छी लगती है

  • हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें , खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें!!!

  • मेरे मिज़ाज को समझने के लिए, बस इतना ही काफी है, मैं उसका हरगिज़ नहीं होता….. जो हर एक का हो जाये।

  • सीढ़ियाँ उन्हे मुबाराक जिन्हें छत पर जाना हो…मेरी मंज़िल तो आसमाँ है..मुझे रास्ता खुद बनाना है॥

  • दूसरों के प्रति हमारा व्यवहार ये निश्चित करता हैं की हमारे प्रति उनका व्यवहार कैसा होगा!!

  • “बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!

  • हम भी दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम हे। जिस तरफ भी चल पडेंगे, रास्ता हो जायेगा।

  • सुधरी हे तो बस मेरी आदते… वरना मेरे शौक.. वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!!

  • अकड़ती जा रही हैं हर रोज गर्दन की नसें, आज तक नहीं आया हुनर सर झुकाने का ..

  • पाना है मुक्काम ओ मुक्काम अभी बाकी है अभी तो जमीन पै आये है असमान की उडान बाकी है !

Bindass Shahabuddin Ansari 
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दोनो image की पीछे बहुत अच्छी कहनी छिपी है।
अगर आप जानना चाहते है तो जरूर कमेंट्स करे।

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