ऊपर वाले पर भरोशा रखो                                      सब ठीक होगा 


एक बार एक मेजर साहब अपने जवानो को लेकर हिमालय पर चढ़ाइ कर रहे थे।  मौसम ख़राब था, बर्फ गिर रहे थे।  और उन्हें दूसरे टुकड़ी के पास जाना था। मौसम भी अपने रंग में था।  दूसरे जगह के जवानो को रिप्लेस करना था।  3 महिने की ड्यूटी थी। और ठंडी मौसम में सरे जवानो और मेजर साहब को लगता था।  इस ठंडी मौसम में एक कप चाय मिल जाता तो मज़ा आ जाता।  ये सोचते हुए ऊपर की तरफ चढ़ते जा रहे थे।

तभी एक दुकान दिखाई दिया। वह जाने के बाद ओ दुकान बंद देख कर बहुत दुखी हुए।  और सभी जवान सोच रहे थे की मेजर साहब बोलते और हम ताला तोड़ देते। तभी मेजर साहब बोले टाला तोड़ दो।
ताला तोड़ने के  बाद अंदर गए और अंदर में चाय बनाने के सभी सामान थे।  सभी ने मिकर चाय बनाया, और पी कर जाने लगे।  तभी मेजर साहब सोचे ये गलत है किसी का दुकान का टाला तोडना और ऐसे ही  छोड़ जाना। 
तब मेजर साहब और जवान वापस आये।  दुकान के अंदर गए और एक ढाबा के नीचे 1 हजार रूपया रख दिये।  और सही से बंद क्र के चले गए। 


कुछ दिन बाद फिर से उसी रास्ते से वापस आ रहे थे।  तभी उन्हें एक बुजुर्ग उस दुकान पर चाय बनाते  दिखे।  तब सरे जवान वह गए और चाय पिने लगे।  और बुजुर्ग बाबा ऊपर वाले  का सुक्रिया कर रहे थे , की भगवान बहुत बड़े हैं। बड़े अच्छे हैं। 
तभी एक जवान ने पूछा , अगर भगवान बड़े अच्छे है तो आप को इतनी ठंडी में यहां चाय नहीं बनाने देते। 
तब बुजुर्ग ने एक कहानी सुनाने लगे। 

एक बार की बात है।  मेरे बेटे को आतंलवदीयो ने पकड़ लिया था और खूब मरे- पिटे।  ओ समझ रहे थे की इसके पास ख़ुफ़िया जानकारी है। और फिर छोड़ दिए।  फिर क्या था मेरे बेटे का बुरा हाल था और मैं हॉस्पिटल लगाया।  इलाज कराने का पैसा नहीं था।  सभी लोगो से माँगा पर किसी ने नहीं दिया।  अभी मैं हॉस्पिटल से आया अपने दुकान पर तो देखा।  यह भी दुकान का ताला टुटा हुआ देख कर और दुखी हुआ और अंदर आया तो सरे सामान वैसे ही थे। तभी एक दबे के नीचे 1  हज़ार दिखा। मैं उस रूपया को ले कर बहुत खुश हुआ।  और उस पैसे से अपने बेटे का इलाज कराया।  तब जाके मेरा बेटा ठीक हुआँ। तब सारे जवान मेजर साहब की ओर देखने लगे।  तब मेजर साहब ईसारे में बोला कुछ मत बोलना । सरे जवान जो चाय पिये। और बिल भर दिए और चले गए। 



              इस कहानी से ये समझ में आता हैं।
                                         हमे खुद पर यकीन करना चाहिये है
                                          उस पर भी यकीन करना चाहिये 

और अभी समय अच्छा नहीं चल रहा है तो इंतजार कीजिये। और जब हमारे मन का नहीं होता तब उसके मन का होता है और ो कभी किसी का गलत नहीं करता। 




                                            I am Bindass Shahabuddin Ansari                                                        follow and support me.